गर्भवती होने के संकेत देते हैं ये लक्षण

गर्भाधान के थोड़े ही समय बाद जब निषेचित अंडा स्वयं को गर्भाशय की दीवार से जोड़ता है, तब आपको अपने गर्भवती होने का हल्का अभास हो सकता है। यह सामान्यतः गर्भाधान के 10 दिन के अंदर होता है।
या फिर ऐसा भी हो सकता है कि आपको कई सप्ताह तक किसी बदलाव का अहसास हो ही ना और आप माहवारी चूकने पर इस उधेड़बुन में लगी रहें कि आप गर्भवती हैं या नहीं।

यहां गर्भावस्था के मुख्य लक्षण दिए गए हैं। हो सकता है, आप नीचे दिए कुछ ही लक्षण महसूस करें या फिर आपको ये सभी लक्षण अनुभव हो सकते हैं। यह भी संभव है कि आपको ऐसा कुछ भी अनुभव न हो।

1. भोजन लालसा और गंध की भावना में बदलाव

किसी विशेष भोजन की लालसा या किसी के प्रति विमुखता गर्भावस्था का लक्षण हो सकता है। हालांकि, केवल इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह मात्र आपकी पसंद या आपके शरीर में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है। मगर, यदि भोजन लालसा के साथ इस सूची में दिए गए अन्य कुछ लक्षण भी आप महसूस करती हैं, तो सबसे पहले देखें कि आपकी माहवारी की नियत तिथि से कितने दिन ऊपर हो गए हैं।
हो सकता है आपको कुछ भोजन पसंद न आए और कुछ के लिए आपके मन में लालसा उत्पन्न हो। यह कुछ महिलाओं में काफी जल्दी या शुरुआती दिनों में, यहां तक की माहवारी चूकने से पहले भी हो सकता है।

कुछ महिलाएं मुंह में धातु जैसे स्वाद की शिकायत करती हैं, तो कुछ कॉफी का स्वाद या आमतौर पर पसंद आने वाले भोजन जैसे अंडे के स्वाद को बर्दाश्त नहीं कर पातीं।

आपकी सूंघने की अनुभूति में भी बदलाव आ सकता है और आप महसूस कर सकती हैं कि खाना या खाना पकाने की महक के प्रति आप अधिक संवेदनशील हो गई हैं।

कुछ विशेष गंध जैसे दाल या आलू पकाने की गंध से गला रुंध सकता है या यह आपकी भूख को कम भी कर सकता है।

2. मनोदशा में बदलाव

गर्भावस्था के दौरान आपके खून में ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्टीरोन की मात्रा बढ़ने के कारण शरीर में हार्मोन स्तर तेजी से बढ़ता है। ये बढ़ा हुआ हार्मोन का स्तर आपकी मनोदशा को प्रभावित कर सकता है|
आप अपने अंदर अच्छी और बुरी दोनों तरह की भावनाओं का उफान महसूस कर सकती हैं। या आप सामान्य से अधिक उदास या चिंतित हो सकती हैं। मनोदशा में परिवर्तन के बारे में और पढ़ें।

अगर, आप अत्याधिक परेशान महसूस कर रही हों या स्वयं को कुछ बुरा भला कर लेने को मन करे, तो तुरंत अपनी डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

3. पेट फूलना

आपके कपड़े कमर पर सामान्य से तंग लग सकते हैं। यह इसलिए नहीं है कि आपका गर्भाशय बढ़ रहा है, यह फूलापन महज़ हॉर्मोन परिवर्तन के कारण होता है।
गर्भावस्था की शुरुआत में शरीर प्रोजेस्टीरोन की जितनी मात्रा उत्पन्न करता है, वह जठरांत्र पथ समेत पूरे शरीर की मांसपेशियों के सौम्य उत्तकों को शिथिल कर देता है।

यह शिथिलता आपकी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे पेट में फुलाव, डकार, गैस या असहज उत्तेजना पैदा होती है, विशेषकर एक ज्यादा भोजन खाने के बाद।

गर्भावस्था में गैस और पेट फूलने के बारे में और अधिक पढ़ें।

4. बार-बार पेशाब आना

गर्भावस्था के लगभग छठे सप्ताह से आप महसूस करेंगी कि शायद आपको सामान्य से अधिक बार पेशाब आने लग
ऐसा गर्भावस्था के कई हार्मोनों के मिश्रण, आपके शरीर में रक्त की अधिक मात्रा और गुर्दों के अतिरिक्त मेहतन करने के कारण होता है।

अगर आपको पेशाब करते हुए जलन या दर्द हो, तो आपको मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) हो सकता है।

5. थकान

क्या आप थकान महसूस करती हैं? गर्भावस्था के शुरुआती दौर से ही आपका शरीर शिशु को सहारा देने के लिए खुद को तैयार करता है। इस दौरान आपको थकान महसूस हो सकती है और आप सामान्य से अधिक बैठना या लेटना पसंद कर सकती हैं|
यह शरीर में गर्भावस्था के हार्मोन के कारण होता है। ये आपको थकान, परेशान या भावुक कर सकते हैं।

हालांकि, थकान अपने आप में एक निश्चित लक्षण नहीं है। यह गर्भावस्था का सामान्य लक्षण है। आप महसूस करेंगी कि पहली और तीसरी तिमाही में थकान आपको सबसे अधिक प्रभावित करती है।

6. संवेदनशील और सूजे हुए स्तन

गर्भावस्था के छठे हफ्ते के बाद आपके स्तन छूने पर अत्याधिक संवेदनशील लग सकते हैं। यह उसी तरह का अनुभव होता है, जैसे माहवारी शुरु होने से पहले महसूस होता है।
आपके स्तन थोड़े बड़े और सूजे हुए लग सकते हैं और त्वचा में से नीली नसें देखी जा सकती हैं। संवेदनशीलता पहली तिमाही में सबसे आम है, और जैसे-जैसे गर्भावस्था बढ़ती है यह कम होती जाती है।

क्योंकि गर्भावस्था के हार्मोन स्तनों में रक्त आपूर्ति बढ़ा देते हैं, इसलिए आपको चूचुक (निप्पल) के आसपास सनसनाहट सी महसूस हो सकती है। यह गर्भावस्था के सबसे पहले लक्षणों में से एक हो सकता है और कभी-कभी यह गर्भाधान के लगभग एक सप्ताह के भीतर ही पता चलने लगता है।

एक बार जब आपका शरीर इस हार्मोन वृद्धि का आदि हो जाएगा, तो यह अनुभूति कम होगी।

गर्भावस्था में त्वचा में बदलाव आना भी आम बात है। सबसे पहला बदलाव आप देख सकती हैं कि आपके चूचुक के पास गोलाकार त्वचा (एरोला) का रंग गहरा होता जा रहा है। ऐसा आठ सप्ताह के बाद से हो सकता है।
आपको चूचुक के आसपास छोटे दाने काफी स्पष्ट दिख सकते हैं और चूचुक भी अधिक कड़े प्रतीत हो सकते हैं।

7. मिचली या उल्टी आना

अगर आप भाग्यशाली हुईं, तो मिचली से पूरी तरह बच भी सकती हैं। मगर, सुबह की मिचली शुरुआती गर्भावस्था का एक आम लक्षण है।
यह अक्सर गर्भावस्था के छठे हफ्ते में शुरु होती है, मगर कभी-कभी यह चौथे सप्ताह में भी शुरु हो सकती है।

आपको कै हो सकती है या फिर सिर्फ मिचली का एहसास हो सकता है। इसका नाम ‘सुबह की मिचली’ होने के बावजूद, यह आपको सुबह, दिन या रात में किसी भी वक्त हो सकता है।

और अधिक जानें कि सुबह की मिचली क्या है और इसके कारण, चिंता और उपचार क्या है?

8. माहवारी न आना

अगर, आपकी माहवारी आमतौर पर नियमित रहती है और इस बार यह समय पर नहीं आई है, तो कोई अन्य लक्षण देखने से पहले आप शायद आप गर्भावस्था परीक्षण करेंगी। माहवारी का चूकना गर्भावस्था के निश्चित संकेतों में से एक है।
मगर, यदि आपकी माहवारी अक्सर अनियमित रहती है या आप अपनी अगली माहवारी की तिथि को लेकर संशय में रहती हैं, तो आपको माहवारी में देरी होने का अहसास नहीं होगा। ऐसे मामलों में संवेदनशील स्तन, मिचली महसूस करना और ज्यादा बार पेशाब जाना आपके गर्भवती होने के कुछ शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

आपकी माहवारी के समय पर खून के कुछ हल्के धब्बे आना सामान्य है। आप अपने अंतःवस्त्र पर या पेशाब करते हुए हल्के गुलाबी या भूरे रंग के दाग देख सकती हैं। इसके अलावा आप हल्की ऐंठन भी महसूस कर सकती हैं।

विशेषज्ञ भी इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि गर्भावस्था की शुरुआत में खून के धब्बे क्यों आते हैं। इनका कारण गर्भाशय में अंडें का दाखिल होना या माहवारी को नियंत्रित करने वाले हार्मोन की हलचल हो सकती है।

9. शरीर का उच्च बेसल तापमान

यदि आप हर दिन अपने तापमान पर नजर रखे हुए हैं, तो आप इस बदलाव को समझ सकती हैं।
18 दिन तक लगातार शरीर के बढ़े हुए बेसल तापमान का मतलब है कि शायद आप गर्भवती हों। आपका तापमान पूरी गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ ही रहेगा।

10. पक्का प्रमाणः घर पर गर्भावस्था जांच का सकारात्मक परिणाम

अगर, आप माहवारी चूकने के एक दिन बाद यदि घर पर गर्भावस्था परीक्षण करें, तो यह अधिकतर विश्वसनीय परिणाम देता है।
यह जांच किस तरह परिणाम देती है, वह अलग हो सकता है। कुछ जांच पट्टी पर गुलाबी और नीली रेखा दिखाते हैं। कुछ में प्लस (+) या माइनस (-) का निशान आता है या फिर कुछ आपके पेशाब के नमूने का रंग बदल देते हैं। डिजिटल टेस्ट में ‘गर्भवती’ या ‘गर्भवती नहीं’ जैसे शब्द लिखे दिख सकते हैं। कुछ तो यह भी बता सकते हैं कि आपने कितने सप्ताह पहले गर्भाधान किया था।

अगर, आप घर पर गर्भावस्था की जांच करें और परिणाम नकारात्मक आएं, तो हो सकता है कि आपने जांच बहुत जल्दी कर ली हो।

कुछ दिनों का इंतजार कीजिए और फिर भी आपकी माहवारी न आए, तो दोबारा जांच कीजिए। इसके अलावा आप गर्भावस्था के लिए खून की जांच भी करा सकती हैं। इसे अक्सर एचसीजी (HCG) टेस्ट कहा जाता है, क्योंकि इस जांच में एचसीजी हार्मोन का पता लगाया जाता है। खून की जांच कई बार पेशाब की जांच से पहले ही गर्भावस्था का पता लगा देती है। इसे अक्सर बिल्कुल सटीक माना जाता है। अगर आप गर्भवती हैं, तो शिशु आपके शरीर में विकसित हो रहा है, इसलिए इंतजार करते समय भी अपनी सेहत का ध्यान रखें। पॉजिटिव परिणाम यानी कोई शक नहीं कि आप गर्भवती हैं

 

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