साप्ताहिक राशिफल

राशिफल : 11 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए बुधवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें 10-10-2017 18:36
आज सूर्य कन्या राशि में रहेगा और चंद्रमा वृष राशि को त्यागकर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा, इन दोनों को आज मृगशिरा नक्षत्र का साथ मिलेगा। इनका साथ आपके जीवन में क्या उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। आइए डालते हैं आज के राशिफल पर एक नजर…… मेष :- मेष राशि के जातक आज पूरे दिन किसी न किसी काम में व्यस्त रहेंगे, रोजगार की समस्या भी परेशान कर सकती है। वृष :- वृष राशि के जातकों को आज अपने प्रेमी का पूरा सहयोग मिलेगा, शाम को किसी पार्टी में जा सकते हैं। मिथुन :- मिथुन राशि के जातक आज अपने परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं, मौज-मस्ती में दिन व्यतीत होगा। कर्क :- कर्क राशि के जातकों को आज अपने परिजनों का पूरा सहयोग मिलेगा, परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं। जानिए! कैसे सौभाग्य में वृद्धि का प्रतीक होता है नीलकंठ सिंह :- सिंह राशि के जातकों के लिए आज व्यापार करने के लिए दिन बेहतरीन है मन लगाकर कार्य करें सफलता अवश्य मिलेगी। कन्या :- कन्या राशि के जातकों की समस्याओं का आज समाधान होगा, परिवार के साथ कहीं बाहर डिनर पर भी जा सकते हैं। तुला :- तुला राशि के जातक अगर नौकरी को लेकर परेशान चल रहे हैं तो आज उनके लिए रोजगार मिलने की संभावना है, जो भी काम मिले उसे करने से पीछे न हटें। वृश्चिक :- वृश्चिक राशि के जातकों के आज रूके हुए काम बनेंगे, व्यापार में लाभ के भी योग बन रहे हैं। धनु :- धनु राशि के जातकों की मुलाकात आज किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति से हो सकती है, आज व्यवसायिक यात्रा पर जाने से बचें, कार्य पूर्ण होने में संदेह है। मकर :- मकर राशि के जातक आज सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देंगे, शाम के समय परिवार के साथ डिनर पर भी जा सकते हैं। धन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स कुंभ :- कुंभ राशि के जातक आज अपना काम पूरी निष्ठा से करेंगे, किए गए कार्य में सफलता के भी योग बन रहे हैं। मीन :- मीन राशि के जातकों के लिए नया कार्य प्रारंभ करने के लिए समय शुभ है, आध्यामिकता से मनोवैज्ञानिक स्थिति में सुधार आएगा। (आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफलऔर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया किसी पंड़ित या ज्योतिषी से संपर्क करें।) READ MORE :- जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष! शाम ढलने के बाद इस मंदिर में रुकना है सख्त मना
दीपावली के दिनों में झाड़ू से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान 11-10-2017 01:30
इंटरनेट डेस्क। झाडू घर की गंदगी साफ करने के काम तो आती ही है इसके साथ ही ये घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा को भी घर से दूर करती है। शास्त्रों में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है, अतः किसी भी प्रकार से इसका अनादर नहीं होना चाहिए। वहीं दीपावली के दिनों में माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और अगर इन दिनों में झाडू से जुड़ी कुछ खास बातों का ध्यान न रखा जाए तो वे अप्रसन्न हो जाती हैं। आइए आपको बताते हैं इनके बारे में……. शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा घर में यदि झाड़ू सबके सामने रखी जाती है तो कई बार अन्य लोगों के पैर उस पर लगते हैं जो कि अशुभ है। इसी वजह से झाड़ू को किसी स्थान पर छिपाकर रखें। झाड़ू को दरवाजे के पीछे रखना काफी शुभ माना गया है। झाड़ू को कभी भी खड़ी करके नहीं रखना चाहिए। यह अपशकुन माना गया है। 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. गृह प्रवेश के समय नई झाड़ू लेकर ही घर के अंदर जाना चाहिए। यह शुभ शकुन माना जाता है। इससे नए घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहेगी। सूर्यास्त के समय झाड़ू नहीं निकालना चाहिए, यह अपशकुन माना जाता है। कोई भी सदस्य किसी खास कार्य के लिए घर से निकला हो तो उसके जाने के तुरंत बाद घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने पर उस व्यक्ति को असफलता का सामना करना पड़ सकता है। READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
राशिफल : 12 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए गुरुवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें 11-10-2017 18:36
आज सूर्य कन्या राशि में रहेगा और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा, इन दोनों को आज आर्द्रा नक्षत्र का साथ मिलेगा। इनका साथ आपके जीवन में क्या उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। आइए डालते हैं आज के राशिफल पर एक नजर…… मेष :- मेष राशि के जातकों के पराक्रम में वृद्धि होगी, आज आपको परिजनों का पूरा सहयोग मिलेगा। वृष :- वृष राशि के जातकों को प्रयास करने पर किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी, व्यवसाय में भी नए लाभ होने की संभावना है। मिथुन :- मिथुन राशि के जातक आज जमीन-जायदाद में निवेश करने से बचें, हानि होने की संभावना है। कर्क :- कर्क राशि के जातकों को आज किसी कार्य में मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा, सकारात्मक माहौल में प्रसन्न रहेंगे। जानिए! कैसे सौभाग्य में वृद्धि का प्रतीक होता है नीलकंठ सिंह :- सिंह राशि के जातक आज ज्यादा फायदे के चक्कर में नुकसान उठाने से बचें, खर्चा बढ़ने की संभावना है। कन्या :- कन्या राशि के जातकों के लिए आज दिन सामान्य रहेगा, परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान भी बन सकता है। तुला :- तुला राशि के जातक आज किसी को बिन मांगे सलाह न दें, परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक :- वृश्चिक राशि के जातक अपने फाइनेंस से संबंधिक कागजातों को संभालकर रखें, महत्वपूर्ण कार्यों में परिजनों की राय अवश्य लें। धनु :- धनु राशि के जातक समय रहते अपने कार्यों को पूरा कर लें, मित्रों की राय पर ध्यान दें। मकर :- मकर राशि के जातकों के सामाजिक प्रभाव में वृद्धि होगी, किसी खास कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिल सकता है। धन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स कुंभ :- कुंभ राशि के जातकों के जीवन में उत्साह व ताजगी रहेगी, परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान भी बन सकता है। मीन :- मीन राशि के जातकों का आज का पूरा दिन मौज-मस्ती में व्यतीत होगा, मूवी देखने का प्लान भी बन सकता है। (आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफलऔर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया किसी पंड़ित या ज्योतिषी से संपर्क करें।) READ MORE :- जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष! शाम ढलने के बाद इस मंदिर में रुकना है सख्त मना
अहोई अष्टमी 2017 : संतान की दीर्घायु के लिए इस विधि से करें व्रत-पूजा 12-10-2017 01:30
कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई माता का व्रत किया जाता है। इस व्रत को पुत्रवती महिलाएं पूरे दिन निर्जल रहकर पुत्रों के कल्याण, दीर्घायु, सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। इस दिन दीवार पर अहोई माता का चित्र या कैलेंडर दीवार पर लगा कर पूजा की जाती है। आइए आपको बताते हैं अहोई अष्टमी की पूजा विधि….. 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. विधि :- माता का आशीर्वाद पाने के लिए पुत्रवती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर सरगी खाती हैं तथा पूरे दिन किसी प्रकार का अन्न जल ग्रहण किए बिना निर्जला व्रत करती हैं। शाम के समय दीवार को खड़िया मिट्टी से पोतकर उस पर अष्ट कोष्ठक की अहोई माता का स्वरूप बनाकर उनमें लाल गेरू और पीले रंग की हल्दी से सुन्दर रंग भरती हैं। साथ ही स्याहू माता (सेई) के बच्चों के भी चित्र बनाकर सजाती हैं। अगर किसी को ये सब बनाना नहीं आता है तो बाजार से अहोई माता का पोस्टर भी ला सकती हैं। शाम को तारे निकलने से पहले अहोई माता के सामने जल का पात्र भरकर उस पर स्वास्तिक बनाया जाता हैतथा उसके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर अहोई माता की कथा की जाती है। अहोई माता के सामने मिट्टी की हांडी यानी मटकी जैसा बर्तन रखकर उसमें खाने वाला सामान प्रसाद के रूप में भरकर रखा जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को पेठा दान में देना अति उत्तम कर्म माना जाता है। पूजन सामग्री :- अहोई माता के व्रत में सरसों के तेल से बने पदार्थों का ही प्रयोग होता है। महिलाएं घरों में मट्ठियां, गुड़ से बना सीरा, पूड़े, गुलगुले, चावल, साबुत उड़द की दाल, गन्ना और मूली के साथ ही मक्की अथवा गेहूं के दाने रखकर उस पर तेल का दीपक रखकर जलाती हैं तथा अहोई माता से परिवार की सुख-शांति, पति व पुत्रों की रक्षा एवं उनकी लम्बी आयु की कामना से प्रार्थना करती हैं तथा तारा निकलने पर उसे अर्ध्य देकर व्रत का पारण करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा अहोई माता के पूजन के पश्चात खाने वाला सामान घर के नौकरों आदि को भी प्रसाद रूप में अवश्य देना चाहिए। पूजा से पूर्व चांदी का पैंडल बनवाकर चित्र पर चढ़ाया जाता है और दीवाली के बाद अहोई माता की आरती करके उतार लिया जाता है और अगले साल के लिए रख लिया जाता है। व्रत रखने वाली महिला की जितनी संतानें हों उतने मोती इसमें पिरो दिए जाते हैं। जिसके यहां नवजात शिशु हुआ हो या पुत्र का विवाह हुआ हो, उसे अहोई माता का व्रत अवश्य करना चाहिए। (SOURCE-GOOGLE) READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
वास्तु के अनुसार ऐसा होना चाहिए आपका ऑफिस 12-10-2017 04:22
इंटरनेट डेस्क। सभी चाहते है कि वे अपने कारोबार में सफल हों। अपने कारोबार को शुरू करते या उसका विस्तार करते समय अगर वास्तु कोध्यान में रखकर उसका इंटिरियर सेट किया जाए तो उसका प्रभाव सफलता में अवश्य पड़ता है। आज हम आपको बताएंगे कि ऑफिसमें कौनसी चीज कहां रखनी चाहिए, आपके बैठने का स्थान कौनसा होना चाहिए…… 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. कमरे के दक्षिण-पश्चिम कोने में अलमारी रखनी चाहिए। अलमारी में विशेष कागजात दक्षिण-पश्चिम कोने में रखने चाहिए। अलमारी का मुंह पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए। बिजली के सामान जैसे जनरेटर, चाय आदि बनाना हो तोदक्षिण-पूर्व की ओर बनाना चाहिए। प्रयत्न करें कि कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी दक्षिण-पश्चिम दिशा में बैठे एवं उसके दक्षिण या पश्चिम में कोई भी कनिष्ट कर्मचारी न बैठें। शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा कार्यालय में मुख्य भूमिका मैनेजर या टीम लीडर की होती है। इनके बैठने का स्थान दरवाजे के सामने वाली दीवार के पास सकारात्मक क्षेत्र में रहना चाहिए एवं बैठते समय मुंह दरवाजे की ओर रहना चाहिए। ताकि वह देखता रहे कौन आया और कौन गया। READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
अहोई अष्टमी व्रत कथा 12-10-2017 06:50
इंटरनेट डेस्क। उत्तर भारत में कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई माता का व्रत किया जाता है और इस दिन को अहोई अष्टमी के नाम से जाना जाता है। अहोई का अर्थ एक प्रकार से यह भी होता है “अनहोनी को होनी बनाना“ जैसे साहुकार की छोटी बहू ने कर दिखाया था। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और अहोई माता की पूजा करती हैं। इस दिन अहोईमाता की कथा भी सुनी जाती है, आइए आपको बताते हैं इस कथा के बारे में ……. 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. अहोई अष्टमी कथा :- प्राचीन काल में एक साहुकार था, जिसके सात बेटे और सात बहुएं थी। इस साहुकार की एक बेटी भी थी जो दीपावली में ससुराल से मायके आई थी। दीपावली पर घर को लीपने के लिए सातों बहुएं मिट्टी लाने जंगल में गई तो ननद भी उनके साथ हो ली। साहुकार की बेटी जहां मिट्टी काट रही थी उस स्थान पर स्याहु (साही) अपने साथ बेटों से साथ रहती थी। मिट्टी काटते हुए ग़लती से साहूकार की बेटी की खुरपी के चोट से स्याहू का एक बच्चा मर गया। स्याहू इस पर क्रोधित होकर बोली मैं तुम्हारी कोख बांधूंगी। स्याहू के वचन सुनकर साहूकार की बेटी अपनी सातों भाभीयों से एक एक कर विनती करती हैं कि वह उसके बदले अपनी कोख बंधवा लें। सबसे छोटी भाभी ननद के बदले अपनी कोख बंधवाने के लिए तैयार हो जाती है। इसके बाद छोटी भाभी के जो भी बच्चे होते हैं वे सात दिन बाद मर जाते हैं। सात पुत्रों की इस प्रकार मृत्यु होने के बाद उसने पंडित को बुलवाकर इसका कारण पूछा। पंडित ने सुरही गाय की सेवा करने की सलाह दी। शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा सुरही सेवा से प्रसन्न होती है और उसे स्याहु के पास ले जाती है। रास्ते थक जाने पर दोनों आराम करने लगते हैं अचानक साहुकार की छोटी बहू की नज़र एक ओर जाती हैं, वह देखती है कि एक सांप गरूड़ पंखनी के बच्चे को डंसने जा रहा है और वह सांप को मार देती है। इतने में गरूड़ पंखनी वहां आ जाती है और खून बिखरा हुआ देखकर उसे लगता है कि छोटी बहु ने उसके बच्चे के मार दिया है इस पर वह छोटी बहू को चोंच मारना शुरू कर देती है। छोटी बहू इस पर कहती है कि उसने तो उसके बच्चे की जान बचाई है। गरूड़ पंखनी इस पर खुश होती है और सुरही सहित उन्हें स्याहु के पास पहुंचा देती है। वहां स्याहु छोटी बहू की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सात पुत्र और सात बहु होने का अशीर्वाद देती है। स्याहु के आशीर्वाद से छोटी बहु का घर पुत्र और पुत्र वधुओं से हरा भरा हो जाता है। (SOURCE-GOOGLE) READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
नई जॉब की तलाश है तो अपनाएं ये वास्तु टिप्स 12-10-2017 09:23
कभी -कभी व्यक्ति बहुमुखी प्रमिभा का धनी होने के बाद भी बेरोजगार रहता है। उसे नौकरी मिलती भी है तो उसकी योग्यता के अनुरूप नहीं होती है। ऐसे में व्यक्ति निराश और परेशान हो जाता है। ऐसे में अपने आस-पास के वास्तु को ध्यान में रखना भी आवश्यक होता है। कई बार हमारी बेरोजगारी का कारण वास्तुदोष बन जाता है। इस दोष के कारण रोजगार के अवसरों की प्राप्ति नहीं होती है। ऐसे में इन उपायों को करके वास्तुदोष से छुटकारा पाया जा सकता है….. 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. वास्तुशास्त्र के अनुसार नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं, तो जेब में लाल रूमाल या कोई लाल कपड़ा रखें। इससे आपको सफलता मिलेगी। यदि सम्भव हो, तो शर्ट भी लाल पहनें। शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा वास्तुशास्त्र के अनुसार नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं तो आपके शयनकक्ष का रंग पीला होना चाहिए। अगर शयन कक्ष का रंग पीला न हो तो रात में सोते समय शयन कक्ष में पीले रंग का बल्ब जलाएं जिससे कमरे में पीला प्रकाश फेल जाए। लाल, पीला रंग आपके भाग्य में वृद्धि लाता है और वास्तुदोष को दूर कर सफलता प्रदान करता है। (ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।) READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
जानिए! आपको राशि अनुसार कौनसे भगवान की पूजा करनी चाहिए 12-10-2017 12:07
भगवान की पूजा तो सभी करते हैं लेकिन अगर पूजा सही तरीके से की जाए तो इससे भगवान जल्द प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन को खुशियों से भर देते हैं। वहीं ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि किस राशि के जातक को कौनसे भगवान की पूजा करनी चाहिए और उन्हें क्या पूजा सामग्री अर्पित करनी चाहिए, आइए आपको बताते हैं आपको इसके बारे में ….. मेष मेष राशि के जातक मन से बहुत चंचल होते हैं, इन्हें हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए, साथ ही पूजा में लाल फूल अवश्य शामिल करें। वृष :- वृष राशि के जातक बहुत की जिद्दी स्वभाव के होते हैं इन्हें भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और सफेद चंदन के फूल पूजा में इस्तेमाल करने चाहिए। मिथुन :- मिथुन राशि के जातक हमेशा दुविधाग्रस्त रहते हैं, इन जातकों को भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। इन्हें पूजा में गुगल की धूप का इस्तेमाल करना चाहिए। कर्क :- कर्क राशि के जातक बहुत ही भावुक प्रवृति के होते हैं, इन्हें भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए और पूजा में इन्हें शंख अवश्य रखना चाहिए। 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…. सिंह :- सिंह राशि के जातकों का जीवन संघर्ष से भरा रहता है, इन्हें सूर्यदेव की उपासना करनी चाहिए और पूजा सामग्री में रोली का इस्तेमाल करना चाहिए। कन्या :- कन्या राशि के जातक थोड़ा लालची प्रवृत्ति के होते हैं और इन्हें मां दुर्गा की उपासना करनी चाहिए। पूजा में इन्हें गुलाब के फूल अवश्य रखने चाहिए। तुला :- तुला राशि के जातक थोड़े लापरवाह होते हैं, इन्हें भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए और पूजा में सफेद फूलों का प्रयोग करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इन जगहों पर होता है भूतों का डेरा वृश्चिक :- वृश्चिक राशि के जातक आरामपसंद होते हैं और इन्हें हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए और पूजा में तुलसी के पत्तों को शामिल करना चाहिए। धनु :- धनु राशि के जातकों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए और उन्हें सूर्य की उपासना करनी चाहिए, इन्हें भगवान को सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए। मकर :- मकर राशि के जातक थोड़ा लापरवाह प्रवत्ति के होते हैं इन्हें पीले रंग के आसन पर बैठकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। कुंभ :- कुंभ राशि के जातक कान के थोड़े कच्चे होते हैं, इन्हें भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए और पूजा में चंदन की लकड़ी या धूप का इस्तेमाल करना चाहिए। मीन :- मीन राशि के जातक जिम्मेदारियां लेने में कतराते हैं, इन्हें भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए और लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए। (ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।) READ MORE…… जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष शास्त्रों के अनुसार इन कामों को करने से घटती है उम्र
राशिफल : 13 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए शुक्रवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें 12-10-2017 18:36
आज सूर्य कन्या राशि में रहेगा और चंद्रमा मिथुन राशि को त्यागकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा, इन दोनों को आज पुनर्वसु नक्षत्र का साथ मिलेगा। इनका साथ आपके जीवन में क्या उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। आइए डालते हैं आज के राशिफल पर एक नजर…… मेष :- मेष राशि के जातक आज किसी शुभकार्य की प्लानिंग बनाएंगे, पुराने प्रेमी से मुलाकता हो सकती है। वृष :- वृष राशि के जातकों को आज ऑफिस में एक्स्ट्रा टाइम देना पड़ सकता है, जिम्मेदारियों को पूर्णतः निभाएंगे। मिथुन :- मिथुन राशि के जातकों के लिए नए लोगों से मेलजोल बढ़ाना फायदेमंद रहेगा। कर्क :- कर्क राशि के जातक अगर सूझ-बूझ से काम लेंगे तो कार्यक्षेत्र में पकड़ बनेगी। जानिए! कैसे सौभाग्य में वृद्धि का प्रतीक होता है नीलकंठ सिंह :- सिंह राशि के जातक उलझनों से ग्रस्त रहेंगे, काम का प्रेशर ज्यादा रहेगा। पुराने कानूनी विवाद खत्म होंगे। कन्या :- कन्या राशि के जातकों का मन आध्यात्म के प्रति आकर्षित होगा, धर्मस्थल की यात्रा होगी। तुला :- तुला राशि के जातकों को उत्साह से सक्सेस मिलेगी, रुका धन वापिस मिलेगा। जांच पड़ताल करके बिजनेस डील फाईनल करें। वृश्चिक :- वृश्चिक राशि के जातक आज पूरी मेहनत से कार्य करें, सफलता अवश्य मिलेगी। धनु :- धनु राशि के जातक रचनात्मक कार्य हेतु प्रयासरत रहेंगे, शाम तक पैसे की स्थिति में सुधार आएगा। मकर :- मकर राशि के जातक आज कानूनी समस्या से रूबरू हो सकते हैं, सरकारी अधिकारियों से संपर्क होगा। धन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स कुंभ :- कुंभ राशि के जातक अपनी जमापूंजी को संचित करें, दिन भर पारिवारिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। मीन :- मीन राशि के जातक ऑफिस में अत्यधिक कार्य करेंगे, भागदौड़ से फायदा मिलेगा। (आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफलऔर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया किसी पंड़ित या ज्योतिषी से संपर्क करें।) READ MORE :- जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन इस राक्षस की वजह से यहां पर मिलता है पितरों को मोक्ष! शाम ढलने के बाद इस मंदिर में रुकना है सख्त मना
Married life को सुखी बनाना चाहते हैं तो अपने बेडरूम में रखें ये चीजें 13-10-2017 01:30
इंटरनेट डेस्क।अगर आप अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाना चाहते हैं तो आप अपने बेडरूम में कुछ खास चीजों को अवश्य रखें, इन्हें बेडरूम में रखने से नकारात्मक विकार खत्म होते हैं। आपके और आपके पार्टनर के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए आपको बताते हैं बेडरूम में किन चीजों को रखना चाहिए……… बेडरूम में फ्लावर पॉट रखने से वहां पोजिटिव एनर्जी रहती है जो दाम्पत्य जीवन को सुखी बनाने का काम करती है। फ्लावर पॉट की नियमित रूप से सफाई करें, सफाई नहीं करने से दाम्पत्य जीवन में खटास आ सकती है। बेडरूम बहुत खास जगह होती है, यहां आप कपल फोटो लगा सकते हैं। ध्यान रहे इस फोटो को पैरों की ओर नहीं लगाएं। बेडरूम की दीवारों पर वाटर प्रुफ कलर का इस्तेमाल करें।
हथेली की ये रेखा खोलेगी आपके वैवाहिक जीवन के राज़ 13-10-2017 04:46
इंटरनेट डेस्क। हथेलियों की बनावट उंगलियों के आकार-प्रकार के साथ हथेलियों पर उभरी रेखाओं के आधार पर भविष्य के बारे में जाना जाता है। इन रेखाओं का अध्ययन किया जाए तो हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं की भी जानकारी प्राप्त हो सकती है। हाथों की सभी रेखाओं का अलग – अलग महत्व होता है। उनमे एक है विवाह की रेखा…. Married life को सुखी बनाना चाहते हैं तो अपने बेडरूम में रखें ये चीजें हमारे हाथ में विवाह की रेखा सबसे छोटी उंगली के पास होती है। जिन लोगों की हथेली में यह रेखा ह्रदय रेखा की ओर बड़ी हुई होती है और आगे जाकर इस रेखा से दो-तीन और रेखाएं निकल रही होती है तो यह उनके वैवाहिक जीवन के लिए सुखद नहीं है। राशिफल : 13 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए शुक्रवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें समुद्रशास्त्र के अनुसार जिनकी हथेली में विवाह रेखा हृदय रेखा की ओर बहुत अधिक झुकी हुई है, तो उनका दाम्पत्य जीवन बहुत ही कष्टदायी होता है। इतना ही नहीं कई लोगों के आजीवन कुंवारें रहने का कारण भी यही रेखा होती है। वहीं हस्तरेखा विज्ञान की बात माने तो जिनके हाथ में विवाह रेखा बीच में टूटी हुई होती है उनका वैवाहिक जीवन लंबे समय तक नहीं चल पाता है। जानिए! आपको राशि अनुसार कौनसे भगवान की पूजा करनी चाहिए नई जॉब की तलाश है तो अपनाएं ये वास्तु टिप्स इतना ही नहीं इस तरह टूटी हुई रेखा के कई दुखद परिणाम होते है जैसे तलाक या फिर जीवनसाथी की मृत्यु आदि। अगर विवाह रेखा के साथ एक अन्य रेखा भी चल रही है तो इसका मतलब ये होता है कि शादी के अलावा भी व्यक्ति का किसी और से भी संबंध रहता है। sourse google
घर में रखा गोल दर्पण बढ़ा सकता है नकारात्मकता 13-10-2017 09:16
इंटरनेट डेस्क। दर्पण के सही प्रयोग से वास्तु दोष को खत्म किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए दर्पण से संबंधित वास्तुशास्त्र के नियमों को जानना बहुत आवश्यक है। इन नियमों को अपनाकर ही वास्तुदोष से छुटकारा पाया जा सकता है। ये नियम इस प्रकार हैं ….. हथेली की ये रेखा खोलेगी आपके वैवाहिक जीवन के राज़ वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में गोल दर्पण नहीं लगाना चाहिए। इससे घर में बहुत सारी परेशानियां आती हैं। इसके अलावा टुटा हुआ व खराब दर्पण घर में नही रखना चाहिए। इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है और टूटा हुआ या खराब दर्पण सकारात्मक ऊर्जा को नकारात्मक ऊर्जा में बदल देता है। Married life को सुखी बनाना चाहते हैं तो अपने बेडरूम में रखें ये चीजें आपको बता दे की दर्पण हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व में ही लगाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। दर्पण आयताकार, वर्गाकार शेप में ही लगाने चाहिए। ये वास्तुदोष को दूर करते हैं। sourse google राशिफल : 13 अक्टूबर : कैसा रहेगा आपके लिए शुक्रवार का दिन, जानने के लिए क्लिक करें जानिए! आपको राशि अनुसार कौनसे भगवान की पूजा करनी चाहिए नई जॉब की तलाश है तो अपनाएं ये वास्तु टिप्स
Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *